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ड्यूक ग्लोबल हेल्थ इंस्टिट्यूट के बारे में

ड्यूक ग्लोबल हेल्थ इंस्टिट्यूट (डीजीएचआई) ने वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों का समाधान करने के लिए ड्यूक के सभी स्कूलों को एक सूत्र में बाँधा है.  डीजीएचआई वैश्विक स्वास्थ्य नेतृत्व की अगली पीढ़ी को प्रशिक्षित करने के लिए नई तकनीकों की मदद से उच्च गुणवत्ता वाले शिक्षा और शोध कार्यक्रम प्रदान करता है. डीजीएचआई का नेतृत्व डॉ माइकल एच मेरसन कर रहे हैं, और यहाँ सिर्फ वैश्विक स्वास्थ्य पर शोध और  शिक्षण के लिए 50 से ज्यादा शिक्षक हैं.

डीजीएचआई के शिक्षक ड्यूक में सर्वश्रेष्ठ और सबसे योग्य हैं. डीजीएचआई के शिक्षक वैश्विक स्वास्थ्य की तरफ अपना रास्ता खुद ढूँढ निकालने के लिए विद्यार्थियों की मदद करने, पढ़ाने और सलाह देने के लिए प्रतिबद्ध हैं. यहाँ के शिक्षक अपने-अपने सम्बंधित कार्यक्षेत्रों जैसे सार्वजनिक नीति, चिकित्सा, पर्यावरण, इंजीनियरिंग आदि में विशेषज्ञ हैं. वे बेजोड़ शैक्षणिक अनुभव बाँटते हैं, जिसमें कई पहलू शामिल होते हैं. और इसी तरह वे आधुनिक व महत्वपूर्ण ग्लोबल स्वास्थ्य शोध का मार्गदर्शन करते हैं.

वैश्विक स्वास्थ्य क्या है?

वैश्विक स्वास्थ्य यानी ऐसा कार्यक्षेत्र, जो अध्ययन, शोध और अभ्यास की मदद से दुनिया भर के लोगों के सामान स्वास्थ्य के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्राथमिकतायें तय करता है. वैश्विक स्वास्थ्य में ढेरों कार्यक्षेत्र शामिल हैं, जो स्वास्थ्य विज्ञान से कहीं आगे हैं  यह  व्यक्तिगत  स्तर पर चिकित्सीय  देखभाल  पर तो ध्यान केन्द्रित करता ही है , साथ ही दूसरे कार्यक्षेत्रों के बीच तालमेल को भी प्रोत्साहित करता है. यह कार्यक्षेत्र अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य के मसलों और निर्धारकों पर जोर देता है

भावी रणनीति का बयान   

पूरी दुनिया में आज की स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना करने और आने वाले कल में स्वास्थ्य समानता हासिल करने के लिए अकादमिक श्रेष्ठता.

लक्ष्य का बयान

डीजीएचआई स्थानीय और पूरे संसार में स्वास्थ्य की असमानताओं को कम करने के लिए काम करता है. यह मानते हुए कि कई वैश्विक स्वास्थ्य समस्याएँ आर्थिक, सामाजिक, पर्यावरणीय, राजनीतिक और स्वास्थ्य देखभाल की असमानताओं का ही नतीजा होती हैं. डीजीएचआई पेंचीदा स्वास्थ्य समस्याओं को सुलझाने और वैश्विक स्वास्थ्य नेतृत्व की अगली पीढ़ी को प्रशिक्षित करने के लिए के लिए दूसरे कार्यक्षेत्रों की टीम को एक मंच पर लाया है.

संस्थान के लक्ष्य

  1. बहुविषयक वैश्विक स्वास्थ्य शिक्षा में पूरे विश्व का नेतृत्व करना.
  2. ऐसे मौलिक शोधों को बढावा और मार्गदर्शन देना, जो दुनिया पर रोगों और उससे प्रभावित होने वाली नीतियों के बदलते बोझ का जवाब देते हैं.
  3. वैश्विक स्वास्थ्य पर जानकारी और कौशल के आदान-प्रदान करने के लिए दुनिया भर के सहयोगियों का एक मजबूत नेटवर्क बनाना.

अगली पीढ़ी के वैश्विक नेताओं को प्रशिक्षित करना

ग्लोबल हेल्थ: मेजर और माइनर (Major and Minor)

वैश्विक स्वास्थ्य मेजर और माइनर (Major and Minor), विद्यार्थियों को उनके विषय और दूसरे विषयों को एक धागे में पिरोकर वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना करना सिखाता है. इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि ड्यूक के किसी भी दूसरे अंडरग्रेजुएट मेजर के साथ जोड़ा जा सके. यानी इसे दोहरे मेजर प्रोग्राम की तरह पेश किया गया है. ड्यूक में विद्यार्थियों को किसी भी दूसरे अंडरग्रेजुएट मेजर की ज़रूरतों के साथ-साथ  वैश्विक स्वास्थ्य मेजर की आवश्यकताओं को भी पूरा  करना होता है. इस प्रोग्राम के तहत ज़रूरी होता है कि विद्यार्थी क्लासरूम से बाहर सीखने के लिए प्रयोगात्मक अनुभव ले, जो कम से कम आठ सप्ताह तक चलता है. यह प्रयोगात्मक अभ्यास अमेरिका या अमेरिका से बाहर ऐसे समुदाय में होता है, जिसमें स्वास्थ्य सम्बन्धी ख़राब नतीजे मिल चुके होते हैं.

ड्यूक में ग्लोबल हेल्थ मेजर कर रहे विद्यार्थियों के पास वैश्विक स्वास्थ्य की चुनौतियों को गहराई से जानने का मौका तो होता ही है, साथ ही वे इन समस्याओं को सुलझाने पर काम भी कर सकते हैं और दुनिया में बदलाव भी ला सकते हैं. इससे स्नातक होने के बाद विद्यार्थियों के पास ऐसे हुनर होते हैं, जिनकी ज़रुरत करियर के कई रास्तों के अलावा परास्नातक स्तर पर ढेरों विकल्पों में से चुनाव करने का मौका पाने के लिए पड़ती है.

ग्लोबल हेल्थ में मास्टर ऑफ साइंस

ग्लोबल हेल्थ प्रोग्राम में मास्टर ऑफ साइंस यानी वैश्विक स्वास्थ्य पर शोध के तौर-तरीकों का प्रशिक्षण देने और दुनिया में छा जाने वाले भविष्य के नेतृत्व को तैयार करने का एक नया रास्ता. इस डिग्री प्रोग्राम के सिद्धांतों के अनुसार स्वास्थ्य के लिए एक से ज्यादा विषय और कार्यक्षेत्र का दृष्टिकोण होना बेहद ज़रूरी है क्योंकि स्वास्थ्य कई तरह के पहलुओं के समूह से प्रभावित होता है.

एक अनुकूल, लचीले पाठ्यक्रम के ज़रिये शिक्षकों से सीखते हुए विद्यार्थियों को स्वास्थ्य के विषय पर एक समझ विकसित होती है, जो उन दूसरे विद्यार्थियों के साथ बढती है जो वैश्विक स्वास्थ्य को कई विषयों के परिपे{य में देखते हैं. ज़मीनी शोध अनुभव, जो कम से कम दस सप्ताह का होता है और एक अनुसन्धान आधारित लेख को बतौर पूरक पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है.

पाठ्यक्रमों को duke में कई विभागों और स्कूलों के शिक्षक पढ़ाते हैं, जिससे हर विद्यार्थी को एक मौका मिलता है कि वह विशेष विषय के क्षेत्र में अपना ध्यान केन्द्रित कर सके जैसे- पर्यावरणीय स्वास्थ्य और स्वास्थ्य नीति. वैकल्पिक पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को एक बेहतर मौका देता है कि वे अपने करियर के लक्ष्य के लिए सबसे बेहतर व्यक्तिगत हुनर और ज्ञान के आधार को विकसित कर सकें.

विद्यार्थी आमतौर पर इस कार्यक्रम को कैम्पस के अन्दर तीन से चार अकादमिक सत्रों में पूरा कर लेते हैं और पहले व दूसरे अकादमिक सत्र के बीच की गर्मियों में क्लासरूम से बाहर ज़मीनी शोध प्रोजेक्ट को पूरा करते हैं.

आवेदन हर जनवरी में आमंत्रित किये जाते हैं. छात्रवृत्ति भी उपलब्ध है.

वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों के लिए समाधान

डीजीएचआई के शिक्षक और विद्यार्थी ऐसे आधुनिक शोध में लगे हुए हैं, जो दुनिया के स्वास्थ्य असुंतलन को संबोधित करते हैं. पूरे विश्व में 50 से ज्यादा स्थानों में मौजूद संस्थाओं से तालमेल के साथ वे इस समय के सबसे महत्त्वपूर्ण स्वास्थ्य मसलों के रचनात्मक समाधान पर काम कर रहे हैं. इनकी शोध प्राथमिकताओं में शामिल हैं.

  1. वैश्विक कैंसर
  2. मोटापे से होने वाली बीमारियाँ
  3. संक्रमण से होने वाली बीमारियाँ
  4. वैश्विक पर्यावरणीय स्वास्थ्य
  5. वैश्विक मानसिक स्वास्थ्य
  6. जच्चा- बच्चा स्वास्थ्य
  7. स्वास्थ्य तंत्र की मजबूती

 

 

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